हर उम्मीद अगर बेमानी होती तो,
यूंही आपका हम इंतज़ार नहीं करते |
बस, आप हमारे सब कुछ हैं,
वरना , अपनी बेचैनी का रोज़
यूंही आपसे हम इज़हार नहीं करते ||
चाहे हों आज हम कितने भी बेगाने,
पर ये हसरतो भरा दिल तो गैर नहीं ||
बस इसी दिल ने की है ये जिद,
की इसे सुकूं नहीं मिलेगा , जब तक
यूंही आपको हम बेक़रार नहीं करते ||
या तो आपको नहीं है क़द्र हमारी,
या फिर है खौफ इस ज़माने का ||
पर हम भी वो हस्ती नहीं,
जो मिट जाए , जब तक
यूंही आप हमसे इज़हार -ए -प्यार नहीं करते ||