Monday, August 6, 2012

ये जिंदगी तुम्हारी शुक्रगुज़ार है... contd.


Continued From:  ये जिंदगी तुम्हारी शुक्रगुज़ार है...

तेरे  साथ  जो  बीता  था, 
हँसता  हुआ 
बेशकीमती  सा 
यूं  तो  वो  एक  अरसा  सा  था 
पर  न  जाने  क्यों  गुजर  गया 
वो  चाँद  लम्हों  सा |

अनगिनत  यादें  सिमिटी  हुई  हैं  
हर  उस  लम्हे  में 
यादें मुस्कराहटों  की 
यादें  खिलखिलाहटों  की 
यादें  शरारतों  की 
और 
यादें  शिकायतों  की  |


वो जो भी था
ये जो भी है
उसके लिए
मेरे दोस्त,
ये जिंदगी तुम्हारी शुक्रगुज़ार है ||