Continued From: ये जिंदगी तुम्हारी शुक्रगुज़ार है...
तेरे साथ जो बीता था,
हँसता हुआ
बेशकीमती सा
यूं तो वो एक अरसा सा था
पर न जाने क्यों गुजर गया
वो चाँद लम्हों सा |
अनगिनत यादें सिमिटी हुई हैं
हर उस लम्हे में
यादें मुस्कराहटों की
यादें खिलखिलाहटों की
यादें शरारतों की
और
यादें शिकायतों की |
वो जो भी था
ये जो भी है
उसके लिए
मेरे दोस्त,
ये जिंदगी तुम्हारी शुक्रगुज़ार है ||