सम्पूर्णता में क्या सौन्दर्य !
जीवन को देती है लक्ष्य
कुछ पाने की इच्छा , अधूरता !
सौंदर्य है उसी अधूरता में ||
अमरता में क्या सौंदर्य !
जीवन को सिखाती है जीना
इस पल के अंतिम होने की संभावना, नश्वरता !
सौन्दर्य है उसी नश्वरता में ||
सफलता में क्या सौंदर्य !
हर प्रयत्न में विजय है नीरसता
कभी कभी कोई हार , निर्बलता !
सौंदर्य है उसी निर्बलता में ||
समीपता में क्या सोंदर्य !
सुख दुःख का काल चक्र
आने वाली ख़ुशी का संकेत, प्रतीक्षा !
सौंदर्य है उसी प्रतीक्षा में ||